अतीत को जाने - एक तंजानिया धावक की यादगार कहानी!

मैक्सिको सिटी में ओलंपिक खेलों में 10,000 मी स्पर्धा में प्रतिभागी। दाईं ओर से: इथियोपिया के Mamo Wolde, ऑस्ट्रेलिया के Ron Clarke, केन्या के Naftali Temu, और ग्रेट ब्रिटेन के Ronald Hill (Douglas Miller/Keystone/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
मैक्सिको सिटी में ओलंपिक खेलों में 10,000 मी स्पर्धा में प्रतिभागी। दाईं ओर से: इथियोपिया के Mamo Wolde, ऑस्ट्रेलिया के Ron Clarke, केन्या के Naftali Temu, और ग्रेट ब्रिटेन के Ronald Hill (Douglas Miller/Keystone/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

ओलंपिक खेल चैंपियन, रिकॉर्ड और अद्भुत कहानियों से भरे हुए हैं, लेकिन इसके अलावा, कुछ याद रखने वाले अजीब, मजाकिया, भावनात्मक और दुखद क्षण भी शामिल हैं। हम हर हफ्ते आपके लिए कुछ कहानियाँ लाएँगे जो या तो आपके चेहरे पर मुस्कान लाएँगी या आपको रुला देंगी। इस हफ्ते - मेक्सिको 1968 के आखिरी इवेंट - मैराथन में आखिरी फिनिशर की कहानी।

बैकग्राउंड

एक ओलंपिक मैराथन 42.195 किमी लंबी होती है। यह एक दूरी है जो एक एथलीट की मानसिक और शारीरिक शक्ति का परीक्षण ले सकती है। लेकिन यह और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है अगर आपको मेक्सिको सिटी में 2000 मीटर की ऊंचाई पर दौड़ना पड़े। ऑक्सीजन की कमी उन धावक के लिए बहुत मुश्किल बना सकती है जिन्हें लंबी दूरी तय करनी है। और कल्पना करें, अगर आप दौड़ के मध्य-बिंदु पर गिर जाते हैं।

खैर, तंजानिया के John Stephen Akhwari के साथ भी ऐसा ही हुआ। मैराथन धावक एक अफ्रीकी चैंपियन के रूप में मैक्सिकन राजधानी पहुंचे थे। 2:15 के अपने औसत समय के साथ, उनके पास पोडियम के लिए लक्ष्य करने का एक बड़ा मौका था। हालांकि, दौड़ में कुछ अलग हुआ - पोडियम फिनिश करना उनकी सबसे बड़ी चिंताओं में से नहीं था।

एक शानदार रेस

मध्य-दौड़ के आसपास, Akhwari बुरी तरह से गिर गये - उनके घुटने के साथ-साथ उनके सिर और कंधे पर भी चोट आई। 20 किमी की दुरी के साथ, उन्हें एक बढ़ती चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन दौड़ को छोड़ देना तंजानिया के धावक के लिए एक विकल्प नहीं था।

दौड़ के दौरान, 75 में से 18 धावक ऑक्सीजन की कमी के कारण दौड़ पूरी नहीं कर पाए। हालांकि Akhwari भी ठीक से सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहा था, फिर भी उन्होंने दौड़ को खत्म करने का फैसला किया - चाहे कुछ हो जाए।

वह दौड़ते रहे और पर एक समय भी आया जहां उन्होंने हिम्मत तोड़ दी और फिर वह नहीं दौड़ पाए। दौड़ के विजेता इथियोपिया के Mamo Wolde के स्टेडियम में पहुंचने के एक घंटे से अधिक समय के बाद, Akhwari ने ओलंपिक स्टेडियम में लड़खड़ाते हुए प्रवेश किया।

पदक पहले से ही प्रदान किए जा चुके थे और अधिकांश दर्शक स्टेडियम से भी निकल चुके थे। लेकिन, कुछ लोग वहां थे जो Akhwari को स्टेडियम में प्रवेश करने और ट्रैक तक पहुंचने के लिए जोर-जोर से चीयर कर रहे थे।

उन्होंने फिर से दौड़ना शुरू किया। घुटने पे लगी चोट के बावजूद उसने आखरी 100 मीटर एक हीरो की की तरह दौड़े।

तंज़ानिया के John Stephen Akwhari सिडनी 2000 ओलंपिक खेलों में ओलंपिक स्टेडियम में पुरुष मैराथन के लिए पदक समारोह में खड़े हैं। (फोटो क्रेडिट: Hamish Blair /Allsport)
तंज़ानिया के John Stephen Akwhari सिडनी 2000 ओलंपिक खेलों में ओलंपिक स्टेडियम में पुरुष मैराथन के लिए पदक समारोह में खड़े हैं। (फोटो क्रेडिट: Hamish Blair /Allsport)

उनके संकल्प की जड़ें

उनका 3:25:27 का समय एक किस्सा है। हां, वह अंतिम थे लेकिन उनके प्रदर्शन से पता चला कि दृढ़ संकल्प आपको कितना आगे ले जा सकता है।

जब उनसे पूछा गया कि उन्हें आगे बढ़ने और दौड़ पूरी करने के लिए प्रेरणा कहां से मिली, तो Akwhari ने कहा, "मेरे देश ने मुझे दौड़ शुरू करने के लिए 5,000 मील दूर नहीं भेजा। उन्होंने दौड़ खत्म करने के लिए मुझे 5,000 मील दूर भेजा।"

उन्होंने यह भी कहा कि उनके माता-पिता ने उनसे कहा था, "यदि आप कुछ करना शुरू करते हैं, तो उसे खत्म करें। वरना, शुरू ही मत करें।"

उन्होंने वास्तव में उनके बारे में सोचा जब वह ओलंपिक स्टेडियम में फिर से दौड़ने लगे।

चाहे दर्द कितना भी हो, पद कोई भी हो, चाहे कुछ भी हो, उन्होंने ओलंपिक मैराथन फिनिश लाइन पार कर ली थी।

प्रसिद्धि जो मायने रखती है

Akhwari ओलंपिक खेलों 1968 मेक्सिको के सबसे प्रसिद्ध एथलीट्स में से एक बन गए थे। उन्हें दृढ़ संकल्प का प्रतीक भी माना जाता है।

उन्हें कभी ओलंपिक पदक नहीं मिला। हालाँकि, सिडनी 2000 खेलों में, उन्हें पदक समारोह में पुरुषों की मैराथन पोडियम पुरस्कार देने के लिए आमंत्रित किया गया था।

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