अतीत को जाने - इतालवी हीरो के नाम पर एक स्ट्रीट

इटली के Dorando Pietri. (Hulton Archive/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)
इटली के Dorando Pietri. (Hulton Archive/ गेटी इमेज द्वारा फोटो)

ओलंपिक खेल चैंपियन, रिकॉर्ड और अद्भुत कहानियों से भरे हुए हैं, लेकिन इसके अलावा, कुछ याद रखने वाले अजीब, मजाकिया, भावनात्मक और दुखद क्षण भी शामिल हैं। हम हर हफ्ते आपके लिए कुछ कहानियाँ लाएँगे जो या तो आपके चेहरे पर मुस्कान लाएँगी या आपको रुला देंगी। इस सप्ताह: लंदन में 1908 मैराथन में प्रतिस्पर्धा करते हुए एक इतालवी हीरो की कहानी।

बैकग्राउंड

1908 में, पहली बार एक ओलंपिक खेलों में, 42.195 किमी की एक मैराथन दौड़ लगाई गई थी। रेस Windsor Castle से शुरू हुई ताकि रॉयल परिवार के बच्चे शुरुआत देख सकें और यह White City Stadium में समाप्त हुई। 16 देशों के 55 प्रतियोगियों ने दौड़ शुरू की, जिनमें से केवल 27 इसे पूरा करने में सक्षम थे।

दौड

जैसा की यह पहली बार था की इतनी लंबी दूरी वाली मैराथन आयोजित की गयी थी, प्रतिस्पर्धा करने वाले एथलीट्स को इस बात का अंदाज़ा भी नहीं था की उन्हें किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। दौड़ तेजी से शुरू हुई, शायद बहुत तेजी से, और कुछ एथलीट दौड़ में आगे थे - जिसमें Thomas Jack, Frederick Lord और Charles Hefferon शामिल थे। 39 किमी के निशान पर, एक इतालवी धावक, Dorando Pietri ने Charles को पछाड़ दिया था। Pietri, जो एक धावक, और एक पेस्ट्री शॉप में सहायक थे, ने 1904 में दौड़ना शुरू किया था, जब उन्होंने अपने शहर में एक दौड़ होती देखी थी।

लेकिन स्टेडियम में प्रवेश करने से पहले, Pietri डिहाइड्रेशन के चलते ट्रैक पर गिर गए। जब वह ठीक से खड़े होने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब कुछ अधिकारियों ने उन्हें पैरों पर खड़े होने में मदद की, उसी समय John Hayes नाम के एक अमेरिकी एथलीट - दूसरी ओर उन्हें पछाड़ने का लक्ष्या बना रहे थे। आखिरकार, Pietri पहले स्थान पर रेखा को पार करने में कामयाब रहे, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने इस तथ्य के आधार पर शिकायत दर्ज की कि Pietri को अंपायरों द्वारा अवैध रूप से मदद की गई थी।

परिणाम

Pietri को अयोग्य घोषित किया गया और Hayes को विजेता घोषित किया गया, जबकि दक्षिण अफ्रीकी, Charles Hefferon (जो तीसरे स्थान पर रहे) को दूसरे स्थान से सम्मानित किया गया। हालांकि, Pietri की किंवदंती सिर्फ आकार ले रही थी। रानी एलेक्जेंड्रा ने उनके साहस को एक गिल्ट कप देकर सम्मानित किया, जबकि सभी प्रतिभागियों को डिप्लोमा ऑफ मेरिट दिया गया। लंदन 1908 मैराथन को अक्सर मीडिया में "सदी की दौड़" कहा जाता था। इसके अलावा, इतालवी, जो दुनिया भर में नायक बन गए थे, बाद में उन्हें लंदन की सड़क का नाम देकर सम्मानित किया गया: White City's Dorando Close.

विचित्र लंदन मैराथन जिसकी बहुत प्रसिद्धी हुई
05:21